वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के विरोध मे प्रेस क्लब पर एकत्र होकर राष्ट्रीय मीडिया ने व्यक्त किया रोष

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डे टुडे टाइम्स ब्यूरो

नई दिल्ली। लंकेश पत्रिका की संपादक और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की मंगलवार को बंगलुरू में की गई नृशंश हत्या के विरोध में पूरे देश की मीडिया में गहरा रोष है। राजधानी दिल्ली में प्रेस क्लब परिसर में, प्रेस एसोसिएशन, राष्ट्रीय महिला प्रेस क्लब, एडीटर गिल्ड सहित बहुत से मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकत्र होकर हत्या का विरोध किया। इस बैठक में वामदलों के सीता राम येचूरी, मोहम्मद सलीम, डी राजा, दीपांकर घोष और स्वामी अग्निवेश ने भी शिरकत की और मीडिया पर हो रहे जुल्म के खिलाफ पत्रकारों के साथ अपनी सॉलिडेरटी को अभिव्यक्ति दी।
बैठक में राष्ट्रीय मीडिया के तमाम दिग्गज भी पहुंचे। वक्ताओं ने इस मौके पर गौरी की हत्या को अभिव्यक्ति की हत्या और चौथे स्तंभ की हत्या करार दिया। वाम नेता इसे फास्सिट ताकतों की काली करतूत बता रहे थे वहीं पत्रकारों की ओर से आ रहे वक्ताओं ने गौरी की शहादत को आगे तक ले जाने की बात कही। कई पत्रकारों जो गौरी के मित्र भी थे और जिन्होंने उनके साथ विभिन्न संगठनों में काम किया था, ने गौरी को एक निर्भीक पत्रकार बताया और कहा कि वो हर गलत मुदृों का विरोध करती और देश के सविधान को पूरी तरह से मानती थी।
गौरी को लेकर राजधानी दिल्ली का माहौल सुबह से ही गर्म रहा। कांग्रेस ने जहां अभिषेक मनु सिंघवी को पत्रकार वार्ता में भेज कर संदेश कहलवाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक काबिल अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया है। जो जल्दी ही हत्यारों को पकड़ लेगी। वहीं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि यह कानून और व्यवस्था की स्थानीय समस्या है। जिसके लिए वहां की सरकार जिम्मेवार है। जाहिर है कि प्रधानमंत्री पर आरोप लग रहा था कि छोटी—छोटी बातों पर देश को ज्ञान देने वाले मोदी चौथे स्तंभ पर हमले को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

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