अमेरिका की नई इमिग्रेशन पॉलिसी से होगा भारतीय प्रोफेशनल्स का फायदा, पर किसका होगा नुकसान, पढ़िए पूरी खबर

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डे टुडे टाइम्स ब्यूरो
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेधा आधारित नई इमिग्रेशन पॉलिसी का प्रस्ताव पेश किया है। यह पॉलिसी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, इस कठोर आव्रजन योजना के तहत भारतीय प्रोफेशनल्स अपने परिवार को स्पॉन्सर नहीं कर पाएंगे। ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस में पेश इस प्रस्ताव में एच1-बी वीजा का कोई जिक्र नहीं है, जो भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को दिया जाता है। मेधा-आधारित आव्रजन प्रणाली की स्थापना का यह कदम हाई स्किल्ड इंडियन प्रोफेशनल्स के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, इस नई पॉलिसी से भारतीय मूल के उन हजारों अमेरिकियों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा जो अपने परिवार के सदस्यों को अमेरिका में अपने साथ रखना चाहते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप के इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है।
बचपन में गैरकानूनी रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम के तहत उन्हें निर्वासन से बचाकर यहां कानूनी रूप से काम करने का अधिकार दिया था। गौरतलब है कि ट्रंप ने इस कानून को पिछले महीने समाप्त कर दिया। व्हाइट हाउस की ओर से जारी किए गए एक खत में ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट नेताओं से कहा कि प्राथमिकताएं सभी आव्रजन नीतियों के आमूल-चूल समीक्षा की है। उन्होंने यह भी तय करने को कहा है कि अमेरिका के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किन-किन कानूनों में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने लिखा है, इन सुधारों के बिना अवैध आव्रजन और सिलसिलेवार तरीके से हो रहा आव्रजन अमेरिका के श्रमिकों और करदाताओं पर हमेशा के लिए बड़ा बोझ बना रहेगा। ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह डीएसीए कार्यक्रम समाप्त कर रहे हैं।
लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि आव्रजकों की स्थिति बदले इससे पहले छह महीने के भीतर कांग्रेस एक नया कानून लेकर आए। ट्रंप ने इस बारे में कहा था कि वह इस समझौते के लिए काफी उत्सुक हैं। उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था, मुझे इन लोगों से प्रेम है और आशा करता हूं कि कांग्रेस उनकी मदद करने में सक्षम होगी और इसे सही तरीके से करेगी। ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वह डीएसीए समझौते में सीमा सुरक्षा और सीमा पर दीवार बनाने के लिए लगने वाले धन को भी शामिल करना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने अभी जो प्राथमिकताएं इसके लिए जारी की है, वह इससे कहीं ज्यादा है। इसमें उन्होंने ग्रीन कार्ड प्रणाली को पूरी तरह से बदलने को भी शामिल कर दिया है। इसके तहत पारिवारिक आधारित ग्रीन कार्ड दंपत्तियों तक ही सीमित हो जाएगा।

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